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डिहाइड्रेशन (dehydration) के 5 हैरान करने वाले लक्षण, कारण

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जल ही जीवन है, क्योंकि हमारा लगभग 70 प्रतिशत शरीर पानी से बना हुआ है। ऐसे में पानी हमारे शरीर के लिए सबसे बड़ी जरूरत ही नहीं, बल्कि शरीर को गतिशील रखने का सबसे बड़ा जरिया भी है। आमतौर पर गर्मी के मौसम में ऐसा होता है, जब हमारे शरीर में पानी की कमी हो जाती है। इसी कमी को ही डिहाइड्रेशन (dehydration) कहते हैं। डिहाइड्रेशन से सबसे ज़्यादा ख़तरा छोटे बच्चों और बुज़ुर्गों को होता है। वहीं, सही वक़्त पर dehydration पर ध्यान नहीं दिया जाए, तो इससे मौत भी हो सकती है।

डिहाइड्रेशन/ निर्जलीकरण क्या है? (What is Dehydration/ Dehydration meaning in Hindi)

डिहाइड्रेशन, जिसे हिंदी में निर्जलीकरण कहते हैं। डिहाइड्रेशन (dehydration) की समस्या शरीर में पानी की कमी होने पर होती है। वहीं यह समस्या तब होती है, जब शरीर से निकलने वाले पानी की मात्रा दिनभर में ली जाने वाली पानी की मात्रा से अधिक हो जाती है। गौरतलब है कि डिहाइड्रेशन की समस्या व्यक्ति विशेष और शरीर में पानी की मौजूदगी के आधार पर हल्की, माध्यम और गंभीर हो सकती है। वहीं आवश्यक मात्रा में पानी नहीं मिलने की दशा में कभी-कभी डिहाइड्रेशन यानि निर्जलीकरण से मौत भी हो सकती है।

डिहाइड्रेशन के प्रकार (types of dehydration)

डिहाइड्रेशन मुख्यतः तीन प्रकार का होता है-

हायपोटोनिक डिहाइड्रेशन

हायपोटोनिक डिहाइड्रेशन की समस्या होने पर सामान्य रूप से व्यक्ति के शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स (शरीर में पाए जाने वाले सोडियम, पोटेशियम जैसे मिनरल्स) की कमी हो जाती है, इसमें खासकर सोडियम की कमी लोगो में ज्यादा पाई जाती है।

हाइपरटोनिक डिहाइड्रेशन

किसी भी व्यक्ति के शरीर में पानी की भारी मात्रा में कमी हो जाने पर हाइपरटोनिक डिहाइड्रेशन की समस्या होती है।

आइसोटोनिक डिहाइड्रेशन

जब शरीर में पानी के साथ-साथ इलेक्ट्रोलाइट्स की भी कमी हो जाती है। अगर किसी व्यक्ति में आइसोटोनिक डिहाइड्रेशन की समस्या ज्यादा हो जाती है, तो उस व्यक्ति की हालात काफी गंभीर हो जाती है।

डिहाइड्रेशन होने के कारण (dehydration causes)

पसीना आना, सांस लेना, पेशाब करना, शौच, आंसू और लार (थूक) के द्वारा हर दिन शरीर से पानी का निकलना एक सामान्य प्रक्रिया है। वहीं, इस तरल की कमी हम आप पानी पीकर या उन चीजों को खाकर पूर्ति कर लेते हैं जिनमें पानी की मात्रा होती है। हालांकि, अगर आपके शरीर से ज्यादा मात्रा में पानी निकल जाता है और आप पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं पी पाते हैं, तो आपको डिहाइड्रेशन की समस्या (dehydration problem) होने की संभावना बढ़ जाती है। अगर बात हम डिहाइड्रेशन होने के कारण की करें, तो इन स्थितियों में ज्यादा संभावना होती है:-

  • बुखार
  • दस्त
  • उल्टी
  • बहुत ज़्यादा पसीना आना
  • बहुत ज्यादा लघुशंका (Pee) जाना
  • पानी नहीं पीना

डिहाइड्रेशन के लक्षण (dehydration symptoms/ signs of dehydration)

डिहाइड्रेशन के मुख्य लक्षणों (dehydration ke lakshan) में से एक कुछ ही दिनों में शरीर के वजन का तेजी से कम होना है। वहीं,10 प्रतिशत से अधिक वजन तेजी से कम होना, डिहाइड्रेशन के गंभीर लक्षणों में से (body dehydration symptoms ) एक माना जाता है। इसके अलावा कुछ और भी लक्षण हैं, जो डिहाइड्रेशन की ओर इशारा (signs and symptoms of dehydration) करते हैं –

डिहाइड्रेशन के हल्के से मध्यम लक्षण (symptoms of dehydration)

ऊपर दिये गए कोई भी लक्षण दिखने पर 91466-91466 पर BasEkCall कर डॉक्टर से Free सलाह ले सकते हैं।

डिहाइड्रेशन के प्रभाव (dehydration effects)

डिहाइड्रेशन की समस्या होने पर शरीर को बहुत से नुकसान पहुंचते हैं. ऐसे में आइये जानते हैं डिहाइड्रेशन की वजह से शरीर पर पड़ने वाले प्रभाव

  • कब्ज की समस्या
  • शरीर में पानी की कमी आपके पाचन तंत्र को बुरी तरह प्रभावित कर सकती है।
  • त्वचा पर पड़ता है असर

अगर पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं पीते हैं तो आपकी त्वचा ड्राई हो जाती है। इसके अलावा, खुजली, स्किन टाइट होना- ये सब भी डिहाइड्रेशन के ही लक्षण हैं।

किडनी पर प्रभाव

पानी कम पीने पर ब्लैडर, किडनी या UTI इन्फेक्शन की संभावना बढ़ जाती है. बता दें कि किडनी और पानी का एक गहरा नाता है। किडनी शरीर में वाटर बैलेंस बनाए रखने के लिए काम करती है. ऐसे में किडनी को भी सुचारू तरीके से काम करने के लिए पानी की जरूरत होती है।

सुस्त महसूस करना

डिहाइड्रेशन की समस्या होने पर व्यक्ति थका हुआ और सुस्त महसूस करने लगता है।

सोचने-समझने की क्षमता पर प्रभाव

डिहाइड्रेशन का प्रभाव (dehydration effects) ऊर्जा के लेवल पर और हमारी सोचने-समझने की क्षमता पर भी पड़ता है। नतीजतन, इससे सुस्ती बढ़ने के साथ-साथ शॉर्ट टर्म मेमोरी जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं।

डिहाइड्रेशन के घरेलू उपचार (dehydration treatment at home/ dehydration treatment)

  • नारियल पानी के सेवन से डिहाइड्रेशन को नियंत्रित किया जा सकता है। दरअसल, नारियल पानी के सेवन से शरीर में पोटैशियम और सोडियम की आपूर्ति तुरंत होती है, जिससे डिहाइड्रेशन काफी हद तक नियंत्रित (control dehydration) हो जाता है।
  • छाछ के सेवन से भी डिहाइड्रेशन में सुधार लाया जा सकता है। दरअसल, छाछ पोटैशियम और मैग्‍नीशियम से युक्त एक नेचुरल प्रोबायोटिक है, जिसके दो से चार बार सेवन के बाद डिहाइड्रेशन में काफी हद तक सुधार लाया जा सकता है।
  • सूप शरीर में मिनरल्‍स के साथ पानी की आपूर्ति करता है, इसके सेवन से भी में सुधार लाया जा सकता है।
  • ग्रीन टी के सेवन से
  • नमक का अधिक सेवन नहीं करें।
  • नींबू पानी, जूस, ओआरएस आदि के सेवन से भी डिहाइड्रेशन पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकता है।
  • जितना हो सके पानी पिएं। अधिक प्रभाव के लिए इलेक्ट्रोलाइट्स (सोडियम, पोटैशियम, मैग्नीशियम और कैल्शियम) युक्त तरल का सेवन करें।
  • डिहाइड्रेशन की गंभीर अवस्था में अस्पताल में जाएं या डॉक्टर से परामर्श लें।

यदि आप डिहाइड्रेशन से पीड़ित हैं, तो नीचे दिए गए फॉर्म को भरें और हमारे डॉक्टर से सीधा संपर्क करें। इसके अलावा, आप 91466-91466 पर कॉल करके भी एक्सपर्ट्स से FREE सलाह ले सकते हैं।

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