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अचानक ब्रेन स्ट्रोक होने पर करें ये 5 उपाय, ज़रा सी भी ढील ले सकती है जान

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Brain stroke meaning: ब्रेन स्ट्रोक एक ऐसी समस्या है जो आमतौर पर दिमाग में रक्त का प्रवाह रूक जाने के कारण होती है, इस स्थिति में पीड़ित व्यक्ति के दिमाग की कोशिकाएं नष्ट होने लगती हैं, जिसके बाद दिमाग को काम करने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ब्रेन स्टोक को एक प्रकार का हार्ट अटैक कहें तो कोई हैरानी की बात नहीं होगी, ये एक तरह का हार्ट अटैक ही होता है लेकिन ये दिमाग को नुकसान पहुंचाता है।

ब्रेन स्ट्रोक के समय क्या करें? (Brain stroke kya hota hai)

Brain stroke in Hindi: स्ट्रोक कई प्रकार के होते हैं, इनका इलाज स्ट्रोक के प्रकार पर निर्भर करता है, लेकिन अगर आपको लगता है कि आपके आस पास मौजूद किसी व्यक्ति को ब्रेन स्ट्रोक है तो नीचे दिए गए नियमों का पालन करें। ( Brain stroke recovery in Hindi )

1.आपातकालीन सेवाओं को सूचित करें

अगर आपको लग रहा है कि किसी व्यक्ति को ब्रेन स्ट्रोक हो रहा है तो तुरंत अस्पताल में कॉल करें। इस स्थिति में जल्द से जल्द इमरजेंसी सहायता लेने की ज़रूरत होती है। इमरजेंसी हेल्प मिलने तक पीड़ित व्यक्ति को किसी आरामदायक स्थिति में बैठाएं।

2.सांस लेने में करें मदद

ब्रेन स्ट्रोक की हालत में ये देखते रहे कि पीड़ित व्यक्ति सांस ले रहा है या नहीं, अगर उसे सांस लेने में किसी भी तरह की समस्या आ रही है तो इस स्थिति पीड़ित व्यक्ति के कपड़े ढीले कर दें, शर्ट के बटन को खोल दें, और टाई या स्कार्फ को ढीला करें या निकाल दें।

3.शरीर को गर्म रखें

ब्रेन स्ट्रोक की स्थिति में पीड़ित व्यक्ति के शरीर को जितना हो सके गर्म रखने की कोशिश करें। ऐसे में पीड़ित व्यक्ति के शरीर पर कंबल डाल दें और चारो तरफ से कवर कर के रखें। इसके साथ ही मरीज के आसपास ज्यादा भीड़भाड़ ना होने दें इससे पीड़ित व्यक्ति को घबराहट हो सकती है।

4.खाने- पीने को ना दें

ब्रेन स्ट्रोक की स्थिति में पीड़ित व्यक्ति को कुछ भी खाने पीने को ना दें। इसके अलावा मरीज की सभी हरकतों पर ध्यान रखें और अस्पताल जाने के बाद डॉक्टर को मरीज के लक्षणों के बारे में बताएं।

5.शांत रहें

अक्सर हम परिवार के किसी सदस्य को बीमार देखकर काफी घबरा जाते हैं औऱ हताश होने लगते हैं लेकिन ब्रेन स्ट्रोक के मरीज के सामने हमें ऐसा बर्ताव करने से बचना चाहिए। कभी भी मरीज के सामने ऐसा शो करने से बचना चाहिए कि उसे गंभीर अटैक आया है और वो बच नहीं सकता, खासकर ब्रेन स्ट्रोक के मरीजों के सामने। ऐसा करने से पीड़ित व्यक्ति का दिमाग और कमजोर हो जाता है औऱ वो जीने की उम्मीद छोड़ देता है।

ब्रेन स्ट्रोक के कारण

ब्रेन स्ट्रोक की बीमारी आमतौर पर दिमाग में पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन की कमी के कारण होती है। जब नसों में खून की सप्लाई नहीं हो पाती है और दिमाग को सुचारू रूप से काम करने के लिए ज़रूरत के हिसाब से रक्त नहीं मिल पाता है तो इस स्थिति में ब्रेन स्ट्रोक होने लगता है, क्योंकि ऑक्सीजन और रक्त का प्रवाह एक दूसरे से जुड़े हुए हैं।

इसके अलावा शरीर में ऑक्सीजन और रक्त संचार मे गिरावट के कारण दिमाग मे मौजूद सभी कोशिकाएं मृत होने लगती हैं। जिसकी वजह से व्यक्ति का दिमाग ठीक ढंग से काम नहीं करता है और इस स्थिति में ब्रेन स्ट्रोक की समस्या हो जाती है।

ब्रेन स्ट्रोक के लक्षण (Stroke Symptoms)

ब्रेन स्ट्रोक से बचने के लिए या इससे दूसरों को सचेत करने के लिए इसके लक्षणों के बारे में जानना बहुत ज़रूरी है। अगर आपको इसके लक्षणों के बारे में पता है तो आप आसानी से मरीज को बचा सकते हैं वरना उसकी जान भी जा सकती है।

1. ब्रेन स्ट्रोक से पीड़ित व्यक्ति को काफी कमजोरी महसूस होती है। यहां तक की उसे उठने बैठने पर चक्कर भी आने लगता है।

2.ब्रेन स्ट्रोक से पीड़ित व्यक्ति को चलने-फिरने में भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है, कई बार तो स्थिति इतनी गंभीर हो जाती है कि पीड़ित व्यक्ति एक बेड की साइड से दूसरी साइड भी नहीं खिसक पाता है।

3.ब्रेन स्टोक के मरीजों के शब्द साफ नहीं निकलते हैं, उन्हे बातचीत के दौरान काभी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है, क्योंकि इस दौरान उनकी जुबान लड़खड़ाने लगती है और मुंह से एक शब्द भी साफ नहीं निकलता है।

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Frequently Asked Questions

ब्रेन स्ट्रोक के बारे में बहुत कम लोगों को ही जानकारी होती है, ऐसे में उनके मन में तमाम तरह के सवाल घूमते रहते हैं, अगर आपके दिमाग में भी ब्रेन स्ट्रोक को लेकर कोई सवाल है तो आप नीचे इसके जवाब जान सकते हैं।

स्ट्रोक होने के क्या कारण हैं?

स्ट्रोक को दिमागी दौरा भी कहा जाता है क्योंकि ये अक्सर अचानक होता है, ये स्थिति तब आती है जब मस्तिष्क में रक्त का प्रवाह रूक जाता है या कम हो जाता है।

क्या पीड़ित व्यक्ति स्ट्रोक के लक्षण पहचान सकते हैं?

कई बार कुछ मरीज स्ट्रोक के लक्षणों को पहचान लेते हैं लेकिन कुछ मरीज़ों के लिए इसकी पहचान करना काफी मुश्किल हो जाता है, क्योंकि स्ट्रोक में दिमाग को चोट पहुंचाता है, जिसकी वजह से व्यक्ति अपनी दिक्कतों को महसूस नहीं कर पाता है।

स्ट्रोक को किसी घरेलू इलाज से ठीक नहीं किया जा सकता है इसलिए स्ट्रोक आने पर सबसे पहले डॉक्टर के पास जाएं, अगर एंबुलेंस को आने में देरी हो रही है तो पीड़ित व्यक्ति को कंबल से ढंक दें और उसे आरामदायक स्थिति में बैठा या लिटा दें।

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