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ब्रेस्ट कैंसर के लक्षण हिंदी में

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क्या हैं ब्रेस्ट कैंसर के लक्षण?

स्तन कैंसर होने पर कई तरह के लक्षण महसूस होते हैं लेकिन कई बार कुछ मरीज ऐसे भी होते हैं जिनमें कोई भी संकेत दिखाई नहीं देते हैं। अगर कुछ आम ब्रैस्ट कैंसर सिम्पटम्स की बात करें तो इस रोग से पीड़ित व्यक्ति के स्तन या बगल में एक गांठ बन जाती है, स्तन की त्वचा में परिवर्तन आने लगता है और निप्पल में दर्द महसूस होता है।

ब्रेस्ट कैंसर की शुरुआती चेतावनी

कुछ कॉमन ब्रैस्ट कैंसर सिम्पटम्स नीचे दिए गए हैं-

1.ब्रेस्ट और अंडरआर्म्स में गांठ

व्यक्ति के स्तन और अंडरआर्म में ऐसी गांठ का बनना जो ठीक नहीं हो, इसे स्तन कैंसर का पहला लक्षण माना जाता है। अगर आपको ऐसा कुछ महसूस हो तो डॉक्टर से सलाह लें क्योंकि डॉक्टर्स मैमोग्राम पर कैंसर के इस गांठ को आसानी से देख सकते हैं।

2.अंडरआर्म और कॉलरबोन में सूजन

ब्रेस्ट कैंसर के लक्षण की इस स्थिति में कैंसर फैलने लगता है और लिम्फ नोड्स तक पहुंच जाता है। इस लक्षण को आम अंडरआर्म और कॉलरबोन में सूजन से पहचान सकते हैं।

3.दर्द और चुभन

स्तन कैंसर की स्थिति में कुछ लोगों को ब्रेस्ट में चुभन और दर्द महसूस हो सकता है। यह भी ब्रैस्ट कैंसर सिम्पटम्स में से एक कॉमन लक्षण है।

4.ब्रेस्ट ऐरिया पर दांतेदार निशान

ब्रेस्ट कैंसर में स्तन पर दांतेदार निशान दिखाई देता है, ये लक्षण ट्यूमर के कारण दिखाई देते हैं। ऐसा होना भी सिम्पटम्स ऑफ़ ब्रैस्ट कैंसर में से एक है। इसको नज़रअंदाज़ न करें।

5.स्तन के आकार में परिवर्तन

जो भी महिला या पुरुष स्तन कैंसर से पीड़ित होते हैं उनके स्तन के आकार में परिवर्तन होने लगता है। इस स्थिति में स्तन अंदर की तरफ चला जाता है तो कभी-कभार इसके बनावट में भी अंतर दिखाई देता है।

6.निप्पल में बदलाव

स्तन कैंसर की स्थिति में निप्पल से गाढ़े रंग का पदार्थ निकलता है, कई बार ये पदार्थ खून भी हो सकता है।

8.स्तन के अंदर मार्बल जैसा बन जाना

अगर आप ब्रेस्ट कैंसर से पीड़ित हैं तो आपकी त्वचा के नीचे या अंदर मार्बल जैसा महसूस होगा जो असल में स्तन के दूसरे भाग से अलग होगा।

स्तन कैंसर के लक्षण और प्रकार

ब्रेस्ट कैंसर के कई प्रकार हैं जिनमें से कुछ नीचे साझा किए गए हैं-

डक्टल कार्सिनोमा के लक्षण

डक्टल कार्सिनोमा स्तन कैंसर के सबसे आम प्रकारों में से एक माना जाता है, इस कैंसर की कोशिकाएं नलिकाओं में पैदा होती हैं। अगर आपकी कोशिकाओं में कैंसर पैदा हो रहा है तो ये केवल नलिकाओं में ही रहता है आसपास की त्वचा में नहीं फैलता है।

लोब्युलर कार्सिनोमा के लक्षण

लोब्युलर कार्सिनोमा दूध बनाने वाली ग्रंथियों में पैदा होता है, इसे लोब्यूल कहते हैं। इसकी गिनती ब्रेस्ट कैंसर के दूसरे प्रकार में होती है। इसके निम्न लक्षण हैं-

1.एक हिस्से में मोटापा या सूजन होना

2.निपल्स का आकार फ्लैट पड़ जाना

इनवेसिव स्तन कैंसर के लक्षण

इनवेसिव स्तन कैंसर जहां से शुरू होता है उसी टिशू के आसपास रहता है ये फैलता नहीं है। आप इसे कैंसर को नीचे दिए गए लक्षणों से पहचान सकते हैं-

  • इस स्थिति में स्तन के अंदर एक गांठ बन जाता है जो तमाम तरह के इलाज के बाद भी ठीक नहीं हो पाता है।
  • कैंसर से प्रभावित स्तन दूसरे स्तन से बिल्कुल अलग दिखाई देता है।
  • स्तन की त्वचा दानेदार, मोटी, लाल, और धुंधली होने लगती है।
  • त्वचा पर रोमछिद्र हो जाते हैं।
  • कैंसर से प्रभावित स्तन में सूजन आ जाती है।
  • गांठ पड़े हुए स्तन में दर्द होता है।

मेटास्टैटिक स्तन कैंसर के लक्षण

स्तन कैंसर होने के बाद अगर इसपर ध्यान ना दिया जाए और उपचार ना करवाया जाए तो ये शरीर के अन्य हिस्सों में भी फैलने लगता है इस स्थिति को मेटास्टैटिक, एडवांस्ड और सेकेंडरी ब्रेस्ट कैंसर कहते हैं। इस स्थिति में निम्न लक्षण महसूस होते हैं-

  • हड्डी में दर्द होना
  • हमेशा सर में दर्द महसूस होना
  • साँस लेने में तकलीफ होना
  • कई बार पेट में भी सूजन हो जाती है
  • त्वचा पीला पड़ना और आंखों का लाल होना भी स्तन कैंसर के ही लक्षण हैं।
  • जी मिचलाना
  • भूख में कमी और वज़न कम होना
  • मांसपेशियों में कमजोरी आ जाना

ट्रिपल-नेगिटिव ब्रेस्ट कैंसर के लक्षण हिंदी में

मनुष्य के शरीर में BRCA1और BRCA2 जीन पाए जाते हैं। अगर BRCA1 जीन किसी भी वजह से काम करना बंद कर देता है या ठीक ढंग से काम नहीं करता है तो इस स्थिति में ट्रिपल-नेगिटिव ब्रेस्ट कैंसर होने की संभावना बढ़ जाती है।

  • स्तन का सख्त हो जाना
  • स्तन के आसपास लाल रंग के धब्बे दिखाई देना
  • स्तन के आसपास और अंडरआर्म्स में गांठ होना
  • निप्पल से तरल पदार्थ का बहना

पुरुषों में सिम्पटम्स ऑफ़ ब्रैस्ट कैंसर

स्तन कैंसर ज्यादातर महिलाओं को ही अपना शिकार बनाते हैं ये बीमारी पुरूषों में लगभग 1% ही देखी गई है। पुरूषों में स्तन कैंसर फैलने में काफी समय लेता है जिसकी वजह से इसकी पहचान जल्दी हो जाती है। पुरूषों में भी स्तन कैंसर के लक्षण एक जैसे ही होते हैं जैसे-

  • स्तन या अंडरआर्म्स में गांठ बन जाना
  • स्तन की त्वचा में बदलाव जैसे स्तन पर लालिमा, निप्पल का पक जाना और गाढ़े रंग का पदार्थ निकलना।

Paget’s स्तन कैंसर का वो प्रकार है जिसके लक्षण अक्सर डक्टल कार्सिनोमा के साथ ही दिखाई देते हैं। कैंसर का ये प्रकार आपके निप्पल और एरोला के स्किन को अपनी चपेट में लेता है। आमतौर पर इसके लक्षण कुछ-कुछ एक्जिमा की तरह ही होते हैं जैसे-

  • Paget’s में निप्पल की त्वचा पपड़ीदार हो जाती है और लाल रंग की दिखाई देने लगती है।
  • निप्पल में से पीले रंग का स्त्राव होना ये पदार्थ कई बार खून के रूप में भी निकलते हैं।
  • कई बार निप्पल उल्टी हो जाती है तो कई बार अंदर की तरफ चली जाती है।
  • स्तन ऐरिया में जलन और खुजली होना भी एक आम लक्षण है।

इंफ्लेमेटरी ब्रेस्ट कैंसर के लक्षण हिंदी में

इंफ्लेमेटरी ब्रेस्ट कैंसर को एक दुर्लभ प्रकार माना जाना जाता है, ये बीमारी बहुत कम लोगों में ही देखी जाती है। इसके निम्न लक्षण हैं-

  • स्तन गर्म, सूजा हुआ और लाल रंग का हो जाना
  • त्वचा पपड़ीदार हो जाना
  • निप्पल का अंदर की तरफ मुड़ जाना
  • निप्पल से स्त्राव निकलना

पैपिलरी कार्सिनोमा के लक्षण

पैपिलरी कार्सिनोमा भी कैंसर का एक दुर्लभ प्रकार है। इस स्थिति में ट्यूमर जैसे छोटे गांठ बन जाते हैं और इसमें पल्स जमा हो जाते हैं। पैपिलरी कार्सिनोमा के कई लक्षण हैं-

  • निप्पल से खून का स्त्राव होना
  • निप्पल के भीतर गांठ बन जाना

एंजियोसार्कोमा के लक्षण

एंजियोसार्कोमा हड्डियों में होने वाला ट्यूमर है ये अक्सर किशोरावस्था में ही होता है। इस बीमारी में कई तरह के लक्षण महसूस किए जा सकते हैं-

  • स्तन में एक गांठ बन जाता है
  • त्वचा पर खरोंच जैसा दिखाई देता है
  • त्वचा पपड़ीदार बन जाती है जो हमेशा निकलती रहती है। 4.ट्यूमर से प्रभावित क्षेत्र में हमेशा दर्द महसूस होता है।

स्तन गांठ

हर बार स्तन में गांठ होना कैंसर नहीं होता है ये समय-समय पर महिलाओं के हॉर्मोनल बदलाव के कारण हो जाता है। इसके कई लक्षण हैं-

  • स्तन में गांठ होना और टिश्यु का सख्त होना
  • निप्‍पल से डिस्चार्ज होना
  • दोनों स्तन के बनावट में अंतर होना
  • निप्पल के आसपास रैशेज हो जाना

क्या स्तन कैंसर दोबारा हो सकता है?

स्तन कैंसर के दोबारा होने की संभावना काफी कम होती है। इलाज के करीब 1 से 2 साल बाद ये कैंसर वापस आ सकता है लेकिन इस कैंसर का जोखिम समय के साथ कम हो जाता है। ध्यान रहे इसके लिए आपको पहले से ही डॉक्टर के समपर्क में रहना होगा। स्तन कैंसर के दोबारा होने पर नीचे दिए गए लक्षण महसूस हो सकते हैं-

  • स्तन में नई गांठ बनना
  • निप्पल औऱ स्तन की त्वचा में परिवर्तन
  • पहले हुई सर्जरी के आसपास निशान या सूजन

स्तन कैंसर को ठीक करने के लिए कुछ सर्जरी की जाती है जिसके बाद मास्टेक्टॉमी पैदा हो सकती है लेकिन ये गांठ कैंसर नहीं है, फिर भी आपको ये कैंसर के लक्षण लग रहे हैं तो अपने डॉक्टर से सलाह लें। इस स्थिति में आपको निम्न लक्षण दिखाई दे सकते हैं-

  • बाजूओं के नीचे, कॉलरबोन के ऊपर या छाती पर गांठ बन सकता है।
  • बाजुओं में सूजन आ सकती है
  • हाथ या कंधे में दर्द और झुनझुनी महसूस होना
  • सीने में लगातार दर्द होना
  • खाना खाने में असहजता महसूस होना

आपको बता दें कि मेटास्टैटिक के ब्रेस्ट कैंसर के लक्षण हिंदी में इस बात पर निर्भर करते हैं कि पीड़ित व्यक्ति के शरीर का कौन सा हिस्सा इस रोग से प्रभावित हुआ है।

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