थायराइड रोग के लक्षण
आयुर्वेद के अनुसार थायरॉइड जैसी बीमारियां अस्वस्थ जीवनशैली खानपान में गड़बड़ी और तनावपूर्ण रहने की वजह से होती हैं। इसके अलावा वात, पित्त और कफ के कारण भी थायरॉइड हो सकता है। आयुर्वेदिक चिकित्सक का कहना है कि जब शरीर के भीतर वात और कफ़ बनने लग जाता है तो ये गले का थायरॉइड पैदा करता है। आपको बता दें कि थायरॉइड एक ऐसी बीमारी है जिसने बड़ी संख्या में लोगों को अपनी चपेट में ले लिया है। शायद आपको जानकर हैरानी होगी कि गले मे थायराइड के लक्षण और बीमारी महिलाओं में पुरुषों की अपेक्षा ज़्यादा देखने को मिलती है। आज इस लेख में हम थैरेड के लक्षण इन हिंदी के बारे में विस्तार से जानेंगे।
गले में थायरॉइड के लक्षण
जब गले में थायरॉइड ग्रंथि की सक्रियता खराब होने लगती है और इसकी वजह से t4 और t3 हार्मोन जरूरत से ज्यादा बढ़ने लगता है तब उसका इस्तेमाल भी सबसे ज्यादा होने लगता है जिसकी वजह से हाइपरथायराइडिज्म रोग पैदा होता है इसे आप कई गले मे थायराइड के लक्षण से पहचान सकते हैं जैसे-
1. अधिक हार्मोन पैदा होना
गले के थायरॉइड से पीड़ित व्यक्ति का शरीर अधिक थायरॉइड हार्मोन पैदा करने लगता है जिससे शरीर का मेटाबॉलिज्म जरूरत से ज्यादा बढ़ जाता है और शरीर तेजी से काम करने लग जाता है, अगर आपको लगे कि आपका शरीर अधिक सक्रिय हो गया है तेजी से काम कर रहा है तो समझ जाइए कि ये थायराइड बीमारी के लक्षण हैं।
2. चिड़चिड़ापन
थायराइड बीमारी के लक्षण में से चिड़चिड़ा होना भी एक लक्षण है। पीड़ित व्यक्ति किसी भी काम को करने से पहले हर बार लड़ाई झगड़े करने की कोशिश करता है।
3. पीरियड्स में गड़बड़ी
आपको बता दें कि गले का थायरॉइड ज्यादातर महिलाओं में ही देखा जाता है और इस बीमारी से पीड़ित महिलाओं के पीरियड्स में भी गड़बड़ी देखी जाती है। इस रोग से पीड़ित महिलाओं का मासिक चक्र खराब हो जाता है, ऐसे में या तो पीरियड्स आते ही नहीं हैं या फिर आते हैं तो जरूरत से ज्यादा दिन तक परेशान करते हैं। यह भी थैरेड के लक्षण में से एक है।
4. घबराहट
अगर आप थाइरोइड सिम्पटम्स इन हिंदी ढूंढ रहे हैं तो घबराहट और अधिक पसीना आना भी गले की थायरॉइड के लक्षण हैं। इस बीमारी से पीड़ित व्यक्ति को पंखा, कूलर चलाने के बाद भी या फिर एसी में रहने के बाद भी गर्मी महसूस होती है और अधिक पसीना आता है जिसकी वजह से पीड़ित व्यक्ति को घबराहट भी होने लगती है।
5.बाल झड़ना
बालों का झड़ना भी थायराइड का लक्षण है। वैसे तो यह काफी आम माना जाता है लेकिन इस रोग में किसी भी एक जगह से बाल गायब होने लग जाते हैं या फिर झड़ने लग जाते हैं, साथ ही नींद में भी कमी आने लगती है जिसकी वजह से अनिद्रा जैसी बीमारी भी हो जाती है। इसके अलावा पीड़ित व्यक्ति की त्वचा का रंग भी बदलने लगता है।
6. वजन घटना
थायरॉइड रोग में व्यक्ति को जरूरत से ज्यादा भूख लगती है और फिर भी वजन तेजी से बढ़ने लगता है इसके अलावा हमेशा कब्ज रहने की भी शिकायत होती है। गले का थायरॉइड होने पर वजन घटने के साथ-साथ वजन बढ़ने की भी समस्या देखी गई है। थाइरोइड का लक्षण गंभीरता से लेना चाहिए।
7.शरीर में दर्द
थायराइड होने के लक्षण में पीड़ित व्यक्ति के हाथ पैर का अकड़ना भी शामिल है। इसी के साथ मांसपेशियों में कमजोरी आना और इसकी वजह से पूरे शरीर में दर्द रहना भी थायराइड की बीमारी के लक्षण हैं।
8.गांठ महसूस होना
आपको बता दें कि गले का थायरॉइड होने पर कंठ के पास एक गांठ सा महसूस होता है जिससे यह अनुमान आसानी से लगाया जा सकता है कि आप गले की थायरॉइड से पीड़ित हैं, इसके साथ ही गला बड़ा दिखने लगता है और धीरे-धीरे बोलने की आदत पड़ जाती है और गली में तेज दर्द भी होता है। यह भी थायराइड ke lakshan in hindi में से एक है।
गले में थायरॉइड होने के कारण
थायराइड के लक्षण इन हिंदी में पता होने के साथ गले का थायरॉइड होने कारण भी पता होने चाहिए। वैसे तो थायरॉइड के कई कारण हैं लेकिन इस बीमारी के पीछे कुछ ऐसे कारण भी हैं जिसे हम जैसे लोग रोजाना नजरअंदाज कर देते हैं, तो चलिए जानते हैं गले में थायरॉइड होने के क्या कारण हैं-
1.तनाव होना
डॉक्टर के अनुसार अत्यधिक तनावपूर्ण जीवन जीने से थायरॉइड हार्मोन की सक्रियता बढ़ने लग जाती है जिसकी वजह से शरीर तेजी से काम करने लगता है और यही थायरॉइड रोग का कारण है।
2.सोया उत्पादों का इस्तेमाल
थायरॉइड होने का एक बड़ा कारण भोजन में सोया उत्पादों का अधिक इस्तेमाल करना भी है। इस तरह के आहार खाने की वजह से गले का थायरॉइड आसानी से पैदा होता है।
3.गर्भावस्था
गर्भावस्था के दौरान शरीर में कई तरह के हार्मोन पैदा होते हैं इस दौरान थायरॉइड हार्मोन मे भी बदलाव होते हैं जिसकी वजह से गले का थायरॉइड पैदा हो सकता है।
4.अनुवंशकिता
थायरॉइड रोग अनुवांशिक भी होता है यदि आपके परिवार में या आपके खून में किसी को कभी गले का थायरॉइड हुआ है तो ये बीमारी आपको भी बेहद आसानी से हो सकती है।
5.खानपान में बदलाव
खान-पान में लापरवाही या भोजन में आयोडीन की मात्रा कम या ज्यादा होने पर थायराइड ग्रंथियों पर बुरा असर पड़ता है।
6.घेंघा रोग
आपको बता दें कि जो लोग घेंघा रोग से पीड़ित होते हैं उन लोगों में भी गले का थायरॉइड हो सकता है।
7.ग्रेव्स
यह एक ऐसी बीमारी है जो पीढ़ी दर पीढ़ी चलती रहती है। ग्रेव्स रोग में शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली कुछ ऐसे तत्वों को पैदा करने लगती है जिसकी वजह से TSH बढ़ने लगता है और हाइपोथायरायडिज्म जैसे रोग पैदा होते हैं।
8.थायरॉइड ग्रन्थि में समस्या
पुरूषों की तुलना में महिलाओं में थाइराइड का लक्षण ज़्यादा देखने को मिलते हैं। ऐसे मेंं थायरॉइड ग्रंथि में सूजन भी महिलाओं को ज़्यादा होती है। इसकी वजह से ही गले का थायरॉइड होता है यह समस्या हमेशा गर्भावस्था के दौरान ही देखी जाती है।
आपको बता दें कि गले का थायरॉइड को ऑटोइम्यून थायराइड रोग के नाम से भी जाना जाता है, ये बीमारी ज्यादातर आयोडीन की कमी के कारण ही होती है। गले का थायरॉइड होने पर पीड़ित व्यक्ति का शरीर कमजोर पड़ने लग जाता है और उसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता शरीर की थायराइड ग्लैंड के खिलाफ हो जाती है जिसकी वजह से गले और शरीर में कई तरह की समस्या पैदा होने लगती है।






