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यूट्रस में टीबी के लक्षण

आमतौर पर लोगों को लगता है टीबी रोग सिर्फ फेफड़ों में होने वाली बीमारी है, लेकिन ऐसाा नहीं है क्योंकि टीबी एक ऐसी बीमारी है जो फेफड़ों से लेकर दिमाग और यूट्रस आदि में भी आसानी से हो सकता है। आपको बता दें कि महिलाओं में होने वाला टीबी यानी ट्यूबरकुलोसिस गर्भाशय या यूट्रस (uterus tb symptoms in Hindi) पर काफी बुरा असर डालता है। इस रोग से अक्सर महिलाएं गर्भधारण नहीं कर पाती हैं।

महिलाओं मे टीबी होने के कारण (What causes TB in uterus)

अगर कोई महिला टीबी रोग से पीड़ित है तो ये आसानी से दूसरे लोगों में भी फैल सकता है। यूट्रस का टीबी भी अन्य टीबी की तरह एक संक्रामक रोग है। अगर टीबी से पीड़ित महिला के संपर्क में कोई दूसरी महिला आती है तो उसे भी ये बीमारी आसानी से हो सकती है। इतना ही नहीं अगर गर्भावस्था के दौरान किसी को टीबी हो जाए तो इससे गर्भपात का भी खतरा रहता है।

महिलाओं में टीबी के लक्षण (tb symptoms in women)

महिलाओं में टीबी माइको बैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस नाम के जीवाणु के कारण पैदा होता है, जो बेहद खतरनाक माना जाता है, क्योंकि ये शरीर के जिस हिस्से में भी होता है उस हिस्से को पूरी तरह से खराब कर देता है। इसलिए समय रहते टीबी (tb) रोग को पहचानकर इसका इलाज (tuberculosis prevention) करवाना ज़रूरी है। तो चलिए जानते हैं महिलाओं में टीबी होने पर किस तरह के लक्षण महसूस होते हैं-

1.पसीना आना

पसीना आना टीबी होने के सबसे आम लक्षणों (symptoms of ovarian tuberculosis) में से एक है। महिलाओं में टीबी होने पर मौसम चाहे कोई भी हो उन्हे पूरे दिन पसीना आता रहता है। टीबी के मरीजों को अधिक ठंड होने के बावजूद भी पसीना आता है।

2.खांसी आना

जिन लोगों को फेफड़ों का टीबी (tuberculosis) होता है उनमें खांसी होना काफी आम है। ज्यादातर लोगों को फेफड़ों का ही टीबी होता है ऐसे लोगों को शुरूआत में खांसी ही आती है, उसके बाद बलगम और खून भी आने लगता है। इसलिए अगर आपको खांसी 2 हफ्ते से ज्यादा दिनों से है तो तुरंत अपना टीबी जांच (tb test) करवा लें।

3.बुखार रहना

टीबी के मरीज़ों को बुखार रहता है, शुरू-शुरू में तो नॉर्मल बुखार आता है लेकिन संक्रमण अधिक बढ़ जाने पर बुखार बढ़ता चला जाता है।

4.वजन घटना

टीबी चाहे महिलाओं में हो या पुरूषों में वजन का घटना सबसे आम लक्षणों में से एक है। महिलाओं को टीबी होने पर उन्हे भूख-प्यास नहीं लगती है जिसकी वजह से कमजोरी आने लगती है और वजन घटने लगता है।

5.सांस लेने में तकलीफ

टीबी के मरीज़ों को हमेशा खांसी आती है जिसकी वजह से सांस लेने में तकलीफ हो जाती है और वो हमेशा खुद को थका-थका हुआ महसूस करता है इतना ही नहीं अधिक खांसी आने से सांस भी फूलने लगती है।

टीबी से बांझपन का शिकार हो सकती हैं महिलाएं

शायद आपको जानकर हैरानी हो कि टीबी रोग महिलाओं को बांझपन का शिकार बना सकता है। महिलाओं में होने वाला टीबी रोग ज्यादातर प्रेग्नेंसी के दौरान प्रभावित करता है। ऐसे में अगर समय रहते इसके इलाज पर ध्यान नहीं दिया जाता है तो इससे इन्फर्टिलिटी का खतरा बढ़ सकता है। क्योंकि टीबी के बैक्टीरिया गर्भाशय पर सीधा हमला करते हैं। जिसकी वजह से गर्भधारण में काफी दिक्कतें पैदा होती हैं। डॉक्टर्स का कहना है कि अगर कोई महिला किसी भी प्रकार के टीबी से पीड़ित है तो 30% महिलाओं में गर्भाशय का टीबी विकसित हो सकता है जिससे ट्यूब में पानी भर जाता है और ये इन्फर्टिलिटी (tuberculosis treatment) की वजह बन सकता है।

टीबी रोग को लेकर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

टीबी रोग को लेकर लोगों के मन में कई तरह के सवाल आते हैं। अगर आप भी इन्ही में से एक हैं तो नीचे कुछ सवालों के जवाब दिए गए हैं जो आपको टीबी रोग को समझने में मदद कर सकते हैं-

टीबी केवल फेफड़ों में फैलता है?

वैसे तो टीबी रोग की शुरूआत फेफड़ों से ही होती है लेकिन ये भ्रम है कि टीबी केवल फेफड़ो में होता है। ये शरीर के बाकी अंग जैसे किडनी, मास्तिष्क, यूट्रस (uterus tb symptoms in Hindi) और रीढ़ को भी प्रभावित करते हैं। बता दें कि फेफड़ों के बाहर होने वाले टीबी रोग को एक्स्ट्रा पल्मोनरी ट्यूबरक्लोसिस कहा जाता है।

क्या टीबी अनुवांशिक बीमारी है?

नहीं! टीबी रोग का अनुवांशिकता से कोई लेना-देना नहीं है। हालांकि कुछ लोगों को लगता है कि टीबी जीन की वजह से फैलता है। लेकिन ऐसा नहीं है टीबी का संक्रमण कभी भी किसी को भी अपनी चपेट में ले सकता है। ये माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरक्लोसिस बैक्टीरिया के कारण होता है।

टीबी को कैसे पहचाना जा सकता है?

टीबी के मरीज़ों में खांसी होना काफी आम लक्षण है। इसके अलावा यूट्रस में टीबी होने पर महिलाओं को पेट के निचले हिस्से में बेहद दर्द रहता है, वजाइना से सफ़ेद पानी आता है और थकान जैसे लक्षण महसूस होते हैं और ये काफी खतरनाक (is tb dangerous) भी होता है।

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