स्वस्थ रहने की पहली सीढ़ी: जानें कब, क्यों और कौन-सा हेल्थ चेकअप है आपके लिए जरूरी
गंभीर बीमारियों से दूर रहने के लिए यह जरूरी है कि स्वास्थ्य के प्रति सजग रहा जाए। डॉक्टर इसके लिए प्रीवेंटिव हेल्थ चेकअप यानी एक नियमित अंतराल पर स्वास्थ्य चेकअप कराने की सलाह देते हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि फुल बॉडी चेकअप आखिर होता क्या है? इसमें कौन-कौन से टेस्ट होते हैं? क्या हमारे सभी अंगों का टेस्ट फुल बॉडी चेकअप में होता है? और क्या इसके जरिए सभी बीमारियों का पता लगाया जा सकता है?
फुल बॉडी चेकअप के लिए कई तरह के पैकेज बाजार में उपलब्ध हैं लेकिन इनमें से कौन सा चेकअप कराना चाहिए इसकी जानकारी होना भी जरूरी है।
उजाला सिग्नस समूह के फाउंडर डायरेक्टर डॉ. शुचिन बजाज ने इस बारे में विस्तार से जानकारी उपलब्ध कराई है।
फुल बॉडी चेकअप क्यों जरूरी होता है?
ऐसी बिमारियाँ जो बिना किसी पूर्व संकेत के सामने आ जाती है यानी जिन बीमारियों का पता पहले नहीं चलता है उनको प्रिवेंटिव चेकअप के जरिए जल्द से जल्द मालूम किया जा सकता है। साथ ही उस बीमारी से जुड़ी जटिलताओं से भी बचा जा सकता है। दरअसल बहुत सारी हेल्थ कंडीशन ऐसी होती हैं जो सालों तक बिना किसी लक्षण के शरीर के अंदर रहती हैं और वह हमारे शरीर को धीरे-धीरे प्रभावित करती रही हैं। जैसे हाई ब्लड प्रेशर, ब्लड सुगर, डायबिटिज, हाई कोलेस्ट्रॉल, फैटी लिवर, किडनी संबंधी बीमारी, थायरॉयड, शरीर में खुन की कमी जैसी बिमारियाँ हैं, जिनका पता तब चलता है जब बीमारी से जुड़ी जटिलताएँ बढ़ जाती हैं। दरअसल रेगुलर हेल्थ चेकअप का उद्देश्य सिर्फ बीमारियों को तलाशना नहीं है, बल्कि ऐसे जोखिम कारकों को भी जल्दी पहचानना है जिससे भविष्य में आपको बीमारियाँ हो सकती हैं।
फुल बॉडी जाँच का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इससे समय रहते बीमारियों को पता चल जाता है। जिसे अपनी जीवनशैली में बदलाव लाकर या उपचार के जरिए नियंत्रित किया जा सकता है। किसी भी बीमारी के बारे में जितनी देर से पता चलता है, ठीक होने में समय भी उतना ज्यादा लगता है।
फुल बॉडी चेकअप में आमतौर पर कौन-कौन से टेस्ट होते हैं?
प्रत्येक कंपनी के हेल्थ चेकअप पैकेज अलग- अलग तरीकों के होते हैं। लेकिन इनमें भी कुछ बेसिक टेस्ट होते हैं जो आमतौर पर बीमारियों का पता करने में मददगार होते हैं। ये टेस्ट कराना स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से फायदेमंद होता है।
इनमें Complete Blood Count यानी CBC या Complete Hemogram मुख्य रुप से हैं जिसकी सहायता से हम खून की कमी(अनेमिया), खून में इंफेक्शन और खून से संबंधित दूसरी अनियमितताओं के बारे में जानकारी हासिल की जा सकती है। इससे आपके शरीर के बारे में काफी कुछ अंदाजा लग जाता है।
इसके अलावा ब्लड सुगर के टेस्ट से Fasting blood sugar, pp blood sugar, HbA1c जो आपको पिछले तीन माह के आपके सुगर लेवल की जानकारी देता है। इसके जरिए डायबिटिज या प्रीडायबिटिज के बारे में पता लगाया जाता है। चुंकि डायबिटिज एक ऐसी बीमारी है जो दीमक की तरह कई सालों तक बिना किसी लक्षण के शरीर में रहती है, यह टेस्ट इसका पता लगाने में कारगर होता है।
लिपिड प्रोफाइल यानी शरीर में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा जानने से संबंधित जाँच जिसमें एचडीएल, एलडीएल, ट्राइग्लिसराइड का स्तर का पता चलता है। शरीर में अच्छे कोलेस्ट्रॉल, खराब कोलेस्ट्रॉल और ह्रदय संबंधी दूसरी समस्याओं को जानने में मदद मिलती है। दरअसल कोलेस्ट्रॉल बढ़ने का कोई विशेष संकेत पहले से नहीं होता, लेकिन ये हार्ट से संबंधित बीमारियों, स्ट्रॉक के जोखिम को बढ़ाने वाला प्रधान कारण जरूर होता है।
लिवर फंक्शन टेस्ट भी प्रिवेंटिव हेल्थ चेकअप का एक टेस्ट है जो लिवर के बारे में पूरी जानकारी देता है। फैटी लिवर के लक्षणों को समय से जाना जा सकता है और कोई दूसरी बड़ी बीमारी होने के पहले इसका इलाज किया जा सके।
इसके अलावा किडनी फंक्शन टेस्ट जिसे KFT भी बोलते हैं, इसे भी समय समय पर जरूर कराना चाहिए। किडनी हमारे खून को फिल्टर करती है और सारी गंदगी बाहर निकालती है। शुरूआत में किडनी से जुड़ी बीमारियों के लक्षण सामने नहीं आते हैं लेकिन किडनी फंक्शन टेस्ट के जरिए इसका पता लगाया जा सकता है। खासतौर पर अगर किसी को डायबिटीज या ब्लड प्रेशर की समस्या है जो इस टेस्ट के जरिए किडनी से जुड़ी समस्या का काफी जल्दी पता चल जाता है।
थायरॉयड फंक्शन टेस्ट भी प्रिवेंटिव हेल्थ चेकअप का हिस्सा है। अगर किसी का वजन बिना किसी कारण घट या बढ़ रहा है या फिर थकान, बालों का झड़ना, पीरियड्स में अनियमितता होती है, संभव है कि थायरॉयड इसका एक कारण हो। जाँच के आधार पर इसे संतुलित किया जा सकता है।
पेशाब की जाँच के जरिए किडनी की समस्या, इंफेक्शन, डायबिटीज जैसी बहुत सारी बिमारियों के बारे में प्रारंभिक तौर पर पता लगाया जाता है। ये सभी टेस्ट आपके शरीर के बारे में कई महत्वपूर्ण जानकारी दे देती है जिसके आधार पर आर डॉक्टर से परामर्श कर बीमारियों को दूर करने या उसे ठीक करने की योजना बना सकते हैं। समय-समय पर हेल्थ चेकअप के साथ ब्लड प्रेशर की जाँच भी जरूर करें।
फुल बॉडी चेकअप में lipid profile, CBC, KFT, LFT और urine examination, ये basic टेस्ट हैं, इन्हें सबको कराना ही चाहिए, इनके अलावा उम्र, लिंग, पारिवारिक इतिहास और मेडिकल स्थिति के आधार पर डॉक्टर कुछ और जाँच कराने की सलाह भी दे सकते हैं जो कि किसी खास परिस्थितियों में ही किया जाता है। जैसे कभी-कभी ECG या छाती का x-ray कराने की सलाह दी जाती है। या फिर विटामिन की कमी का अंदेशा होने पर जिससे सुगर बढ़ रहा है या बीपी बढ़ रहा है या वजन बढ़ रहा है तो vitamin D का test, vitamin B12 कराने की सलाह दी जाती है।
इसके अलावा महिलाओं को pap smear, mammography कराने की सलाह दी जाती है। इसीतरह कुछ उम्र गुजरने के बाद पुरूषों को PSA टेस्ट कराने की सलाह दी जाती है।
किस उम्र में और साल में कितनी बार हमें इन जाँचों को कराना चाहिए?
यह सभी टेस्ट किस उम्र में और कितनी बार करानी चाहिए इसका कोई मापदंड नहीं है। अगर कोई 30 वर्ष से कम उम्र का है और स्वस्थ्य है, स्मोकिंग, ड्रिंक की आदत नहीं है, परिवार में किसी बीमारी का पुराना रिकॉर्ड नहीं है तो periodic preventive health assessment अपने डॉक्टर से ही कराया जा सकता है, बीपी नापना, कभी ब्लड सुगर टेस्ट कराना काफी होता है। वहीं 30-40 उम्र में डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल स्क्रीनिंग पर ध्यान देना बहुत जरूरी होता है। अगर फैमिली हिस्ट्री है तो ऐसी समस्याएँ इसी उम्र में बढ़नी शुरू हो जाती है।
40 साल के बाद रेगुलर हेल्थ चेकअप और उम्र से जुड़े स्क्रीनिंग टेस्ट कराना जरूरी हो जाता है। खासतौर पर अगर डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, थायरॉयड जैसी समस्याएं शुरू हो चुकी है तो फॉलोअप शेड्युल कर अपने डॉक्टर से इसके बारे में विस्तार से बात करें। वे आपको यह समझाने में मदद करेंगे कि किस समय कौन सी जाँच और कितने अंतराल पर कराना चाहिए।
यह एक बहुत बड़ा मिथक है कि हर व्यक्ति को प्रतिवर्ष preventive health check-up कराना बहुत जरूरी है। हर इंसान को सलान हर टेस्ट करवाने की ज़रूरत बिल्कुल भी नहीं है, जो टेस्टिंग का निर्णय है वो व्यक्ति की उम्र, मौजूदा स्वास्थ्य की स्थिति, फैमिली हिस्ट्री पर काफी निर्भर करता है। इसके अलावा आपकी जीवनशैली, पिछली रिपोर्ट यह भी प्रिवेंटिव हेल्थ चेकअप कराने में काफी निर्णायक होता है।
क्या प्रिवेंटिव हेल्थ चेकअप से सभी बीमारियों को पकड़ा जा सकता है?
नहीं, इसके जरिए सभी बीमारियों को पकड़ना संभव नहीं है। दरअसल हेल्थ चेकअप बीमारियों के जोखिम का पता लगाने के लिए किया जाता है। यह सामान्य बीमारियों की स्क्रीनिंग के लिए किया जाता है। चुंकि डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, हाई कोलेस्ट्रॉल जैसे कंडीशन कई बार बिना किसी लक्षण के होते हैं जिसका पता लोगों को पहले से नहीं होता। ऐसे में चेकअप के जरिए इसकी जानकारी मिलती है जिसके आधार पर डॉक्टर जीवशैली में बदलाव, दवा या व्यायाम की सलाह देते हैं ताकि समय रहते ऐसी समस्याओं को खत्म किया जा सके।
रूटीन प्रिवेंटिव हेल्थ चेकअप में full body MRI, full body CT scans नहीं होता। जब तक कोई खास मेडिकल कारण नहीं, इसे कराने नहीं कराना चाहिए। यह भी ठीक से समझना होता कि अगर रिपोर्ट नॉर्मल आए हैं तो इसका मतलब यह नहीं है कि भविष्य में भी कोई बीमारी नहीं हो, ऐसा संभव नहीं है, कोई रिपोर्ट केवल उस वक्त के शारीरिक स्वास्थ्य के बारे में जानकारी देता है।
नॉर्मल रिपोर्ट पाने के लिए किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है?
अगर स्वस्थ्य जीवनशैली, रेगुलर फॉलोअप और व्यायाम के जरिए अपने शरीर का ध्यान रखेंगे तो आपके रिपोर्ट हमेशा नॉर्मल ही रहेंगे। अगर ऐसा नहीं किया गया तो भविष्य में रिपोर्ट बिगड़ सकता है।
फुल बॉडी हेल्थ चेकअप का मतलब सिर्फ एक बड़ा जाँच पैकेज खरीदना नहीं है, इसका उद्देश्य silent diseases को जल्दी पहचानना, जोखिम कारकों की पहचान और भविष्य की स्वास्थ्य से जुड़ी जटिलताओं से खुद को बचाना है। सबसे अच्छा health check-up वो ही है, जो आपकी उम्र, जीवनशैली, फामिली हिस्ट्री, और मेडिकल जरूरतों के हिसाब से तैयार किया गया है। इसलिए सबसे मंहगे हेल्थ पैकेज को खरीदने की जगह इन बातों पर ध्यान देना ज्यादा जरूरी है।
प्रिवेंटिव हेल्थ चेकअप के संबंध में आपके पास भी कोई सवाल तो आप नजदीकी उजाला सिग्नस अस्पताल में संपर्क कर सकते हैं। हमारे डॉक्टर्स के साथ अपॉइंटमेंट बुक करने के लिए यहाँ क्लिक कर सकते हैं। आप हमारे हेल्थ एक्सपर्ट्स से askadoctor@ujalacygnus.com पर भी संपर्क कर सकते हैं।
FAQs
क्या स्वस्थ व्यक्ति को भी नियमित हेल्थ चेक-अप करवाना चाहिए?
हाँ। खुद को स्वस्थ महसूस करना हमेशा यह सुनिश्चित नहीं करता कि शरीर के अंदर कोई समस्या नहीं है। नियमित जांच से कुछ स्वास्थ्य जोखिमों की शुरुआती पहचान में मदद मिल सकती है।
प्रिवेंटिव हेल्थ चेकअप में कौन-कौन से टेस्ट किए जाते हैं?
यह व्यक्ति की उम्र, लिंग और स्वास्थ्य जोखिमों के अनुसार अलग हो सकता है। सामान्य जांच में ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर, लिपिड प्रोफाइल, CBC, लिवर और किडनी फंक्शन जैसी जांच शामिल हो सकती हैं। डॉक्टर जरूरत के अनुसार अन्य जांच की सलाह दे सकते हैं।
क्या हर व्यक्ति को एक ही तरह के टेस्ट करवाने चाहिए?
नहीं। हर व्यक्ति के लिए एक जैसा हेल्थ पैकेज उपयुक्त नहीं होता। डॉक्टर आपकी उम्र, मेडिकल हिस्ट्री, पारिवारिक इतिहास और जोखिम कारकों के आधार पर जरूरी जांच तय कर सकते हैं।
क्या प्रिवेंटिव चेकअप से कैंसर का भी पता चल सकता है?
कुछ कैंसर की स्क्रीनिंग शुरुआती अवस्था में बीमारी या उसके जोखिम की पहचान में मदद कर सकती है। हालांकि, सभी कैंसर के लिए एक ही तरह की स्क्रीनिंग नहीं होती। उम्र, लिंग और व्यक्तिगत जोखिम के आधार पर डॉक्टर उचित स्क्रीनिंग की सलाह देते हैं।
कितनी बार प्रिवेंटिव हेल्थ चेकअप करवाना चाहिए?
इसकी कोई एक निश्चित अवधि सभी के लिए लागू नहीं होती। सामान्य स्वास्थ्य, उम्र और जोखिम कारकों के आधार पर डॉक्टर जांच की आवृत्ति तय कर सकते हैं। जिन लोगों को पहले से कोई बीमारी है, उन्हें अधिक नियमित निगरानी की आवश्यकता हो सकती है।
क्या सिर्फ ब्लड टेस्ट करवाना ही पर्याप्त है?
नहीं। प्रिवेंटिव हेल्थ केयर केवल ब्लड टेस्ट तक सीमित नहीं है। इसमें ब्लड प्रेशर, वजन/BMI, जीवनशैली, पारिवारिक इतिहास और डॉक्टर की clinical assessment भी महत्वपूर्ण हैं। जरूरत के अनुसार अन्य जांच और स्क्रीनिंग की जा सकती है।
अगर सभी रिपोर्ट सामान्य आएं तो क्या आगे जांच की जरूरत नहीं है?
सामान्य रिपोर्ट अच्छी बात है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि भविष्य में कोई स्वास्थ्य समस्या नहीं हो सकती। नियमित preventive care का उद्देश्य स्वास्थ्य जोखिमों की लगातार निगरानी और स्वस्थ जीवनशैली को बनाए रखना है।
क्या हेल्थ चेकअप बीमारी को रोक सकता है?
जांच स्वयं बीमारी को नहीं रोकती, लेकिन जोखिमों की जल्दी पहचान होने से समय पर जीवनशैली मेंबदलाव, निगरानी और आवश्यक उपचार शुरू किया जा सकता है। इससे कई स्वास्थ्य समस्याओं के जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है।
Related Articles
Let's get in touch
Give us a call or drop by anytime, we endeavour to answer all enquiries within 24 hours on business days.
Request a Call Back
Our healthcare expert will contact you shortly to understand your requirements and assist you with the right care.
Your information is safe and secure with us.
Our team will connect with you at the earliest.
Speak with our experienced healthcare professionals.
Request a Call Back
You Will Get a call within 1 hour






