भारत में पुरूष पेट के कैंसर (Gastric Cancer) से सबसे ज्यादा प्रभावित

कैंसर की वैश्विक स्थिति पर नजर डालें तो भारत में पेट का कैंसर (Gastric Cancer) एक बड़ी स्वास्थ्य चुनौती बनकर उभर रहा है। ‘ग्लोबल कैंसर ऑब्ज़र्वेटरी’ के अनुसार, यह भारत के 10 सबसे आम कैंसरों में से एक है। विशेष रूप से पुरुषों में यह पांचवां और महिलाओं में सातवां सबसे आम कैंसर है।

अक्सर पेट के कैंसर का पता तब चलता है जब वह एडवांस स्टेज में पहुँच चुका होता है। यही कारण है कि भारत में इसका ‘सर्वाइवल रेट’ मात्र 20% के आसपास है। की मेडिकल ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ.रिचु शर्मा कहती हैं कि पेट हमारा मुख्य पाचन अंग है। इसकी सेहत हमारे हाथ में है। शराब और स्मोकिंग छोड़कर, और अपनी डाइट में सुधार करके हम पेट के कैंसर के जोखिम को काफी हद तक कम कर सकते हैं। सही समय पर जानकारी, लक्षणों की पहचान और जीवनशैली में बदलाव ही इससे बचने का सबसे प्रभावी तरीका है।

पेट का कैंसर (Gastric Cancer) क्या है ?

पेट का कैंसर पेट की अंदरूनी परत (Lining) से शुरू होता है। जब इस परत में लंबे समय तक जलन या सूजन (Inflammation) बनी रहती है, तो कोशिकाएं असामान्य रूप से बढ़ने लगती हैं।

एडेनोकार्सिनोमा (Adenocarcinoma):

यह पेट के कैंसर का सबसे आम प्रकार है, जो लगभग 90-92% मामलों में देखा जाता है। अन्य प्रकार: लिम्फोमा, गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल स्ट्रोमल ट्यूमर (GIST), और कार्सिनॉइड ट्यूमर।

पेट के कैंसर का सर्वाधिक खतरा पुरूषों को क्यों होता है ?

अध्ययनों के अनुसार, महिलाओं की तुलना में पुरुष पेट के कैंसर के शिकार ज्यादा होते हैं। इसका मुख्य कारण उनकी जीवनशैली है। महिलाओं की तुलना में पुरूष, तंबाकू और शराब का सेवन ज्यादा करते हैं। सिगरेट, बीड़ी और अत्यधिक शराब का सेवन पेट की सेहत को गंभीर नुकसान पहुँचाता है। साथ ही पुरुषों में अक्सर बाहर का ज्यादा मसालेदार, नमकीन और प्रिजर्वेटिव युक्त खाना खाने की प्रवृत्ति अधिक देखी जाती है। जो कभी कभी पेट के कैंसर का कारण बन जाता है।

मुख्य रिस्क फैक्टर्स: किन वजहों से बढ़ता है खतरा ?

इस बारे में डॉ. रिचु शर्मा ने कुछ प्रमुख कारणों पर प्रकाश डाला है: H. pylori  इन्फेक्शन: यह एक बैक्टीरिया है जो पेट में अल्सर और पुरानी सूजन पैदा करता है, जो आगे चलकर कैंसर बन सकता है।डाइट:ज्यादा नमक, स्मोक्ड फूड (धुएं में पका खाना), और जंक फूड का सेवन। मोटापा:अधिक वजन वाले लोगों में इसका जोखिम सामान्य लोगों से ज्यादा होता है। फैमिली हिस्ट्री: यदि परिवार में किसी को कम उम्र में यह कैंसर हुआ हो।इन लक्षणों को न करें नजरअंदाजपेट का कैंसर शुरुआत में बहुत सामान्य लक्षणों के साथ आता है, जिन्हें अक्सर हम गैस या अपच समझकर छोड़ देते हैं। यदि आपको ये लक्षण दिखें, तो तुरंत डॉक्टर से मिलें:

· लगातार अपच या पेट में गैस महसूस होना।

· थोड़ा सा खाना खाने पर भी पेट का भरा हुआ महसूस होना।

· उल्टी या जी मिचलाना (कभी-कभी उल्टी में खून आना)।

· मल का रंग काला होना या मल में खून आना।

· बिना किसी कारण के वजन कम होना और अत्यधिक थकान।

· पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द या बेचैनी।

बचाव के प्रभावी तरीके जीवनशैली में छोटे बदलाव इस बड़े खतरे को टाल सकते हैं:डाइट में बदलाव: अपनी थाली में फल और हरी सब्जियों की मात्रा बढ़ाएं। प्रिजर्वेटिव वाली चीजों और जंक फूड को पूरी तरह बंद या कम कर दें।

मसाले और नमक पर लगाम:ज्यादा नमकीन और तीखा भोजन पेट की परत में जलन पैदा करता है।

इन्फेक्शन का इलाज:यदि एच. पाइलोरी (H. pylori) इन्फेक्शन का पता चले, तो तुरंत एंटीबायोटिक कोर्स पूरा करें।

नियमित स्क्रीनिंग:यदि आपकी फैमिली हिस्ट्री है, तो समय-समय पर डॉक्टर से जांच (Screening) करवाएं। डॉ. रिचु शर्मा, के साथ अपॉइंटमेंट बुक करने के लिए यहां क्लिक करें। अगर पेट के कैंसर से जुड़ा कोई खास सवाल आपके पास भी है, तो कृपया अपने नजदीकी उजाला सिग्नस हॉस्पिटल से संपर्क करें या हमारे हेल्थ एक्सपर्ट्स से askadoctor@ujalacygnus.comपर संपर्क करें।

FAQ

अगर H. pylori इन्फेक्शन का पता चलता है तो क्या करना चाहिए?

अगर H. pylori या ऐसा कोई भी इन्फेक्शन पता चलता है, तो तुंरत उसका इलाज किया जाना चाहिए। दरअसल H. pylori बैक्टीरिया पुरानी जलन पैदा कर सकता है, जिससे अल्सर और सूजन हो सकती है, और पेट का कैंसर भी हो सकता है। अच्छी बात यह है कि इस तरह के इन्फेक्शन का इलाज हो सकता है; इसलिए, समय पर पता लगाना और इलाज करवाना बहुत ज़रूरी है।

पेट के कैंसर के मुख्य कारण क्या हैं?

खाने में इस्तेमाल किए जाने वाले प्रिजर्वेटिव पेट को बहुत नुकसान पहुंचाते हैं, और ये पेट के कैंसर के मुख्य कारण भी हैं।

क्या डाइट पेट के कैंसर के मामलों पर असर डालती है?

डाइट की आदतें पेट के कैंसर के मामलों पर काफी असर डालती हैं। नमकीन, मसालेदार, स्मोक्ड और प्रोसेस्ड फूड का ज़्यादा सेवन पेट की सेहत को नुकसान पहुंचाता है। जो फूड बहुत ज़्यादा मसालेदार और प्रिजर्वेटिव से भरपूर होते हैं, उनमें कार्सिनोजेनिक कंपाउंड हो सकते हैं, जिससे कैंसर होने का खतरा बढ़ जाता है।

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